Shaheed ki maa

Shaheed ki Maa – शहीद की माँ

“शहीद की माँ” (Shaheed ki Maa),एक हिंदी कविता है जो प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखी गई है।  इसी घर सेएक दिनशहीद का जनाज़ा निकला था,तिरंगे में लिपटा,हज़ारों की भीड़ में।काँधा देने की होड़ मेंसैकड़ो के कुर्ते फटे थे,पुट्ठे छिले थे।भारत माता की जय,इंकलाब ज़िन्दाबाद,अंग्रेजी सरकार मुर्दाबादके नारों में शहीद की माँ का रोदनडूब […]

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गहन है यह अंधकारा

गहन है यह अंधकारा – सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला”

“गहन है यह अंधकारा” (Gehan Hai Yeh Andhakara),एक हिंदी कविता है जो प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” द्वारा लिखी गई है। कविता को उस काव्य संग्रह से लिया गया है जिसे उन्होंने 1939 से 1949 के बीच लिखा था। गहन है यह अंधकारा;स्वार्थ के अवगुंठनों सेहुआ है लुंठन हमारा। खड़ी है दीवार जड़ की घेरकर,बोलते […]

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साधारण स्त्री

करारी कचौरियाँ,मावा वाली गुझिया,रसदार मालपुआ,खुशबूदार पुलाव,चटपटे चाट,तरह-तरह केव्यंजन चाव से सीखतीक्योंकि उसे बताया गया है“आदमी के दिल तक पहुँचने का रास्ताउसके पेट से होकर जाता है।” काजल,बिंदी,नेलपॉलिश,लिपिस्टिक के नये शेड्समेंहदी के बेलबूटे काढ़तीरंगीन चूडियों,पायलों,झुमकोंके नये डिजाइनसुंदर कपड़ों के साथ मैचिंग करतीफेशियल,ब्लीच,ख़ुद को निखारनेके घरेलू नुस्खोंका प्रयोग सीखती हैक्योंकि अपने सौंदर्य केसरस सागर में डूबोकरलुभाकर विविध […]

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जब तुम…..

मन के थककरचूर होने तकमन के भीतर ही भीतरपसीजते दीवारों परनिरंतर स्पंदित,अस्पष्ट तैरतेवैचारिक दृश्य,उलझन,उदासी,बेचैनी सेमुरुआता,छटपटाता हर लम्हामन की थकान सेनिढ़ाल तन कीबदहवास लयअपने दायरे में बंदमौन की झिर्रियों परसाँस टिकायेदेह और मन काबेतरतीब तारतम्यबेमतलब के जीवन सेविरक्त मनमुक्त होना चाहता हैदेह के बंधन सेजब तुम रुठ जाते हो। #श्वेता सिन्हा Blog Reference : swetamannkepaankhi.blogspot

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बन जा आत्म घाती

वो नारों का शोरअहंकार सी ख़ुशीगैरत के नाम परबस कर लो ख़ुदकुशी // आज़ादी के सपनेसियासत में भिगायेमासूमों की गुमराहीझूठी जन्नत दिखाए // कमसिन नादान वोपथ्थरों से खेलतेकौन है दोस्त दुश्मनकभी न जानते // बस पत्थर उठायेंजन्नत को ढूंढतेकाफिरों को मारफ़ना की ही सोचते // भोले नादान वोज़िन्दगी दांव लगातेइंसानियत के दुश्मनों कीसाजिश न भांप […]

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ओढ़ के तिरंगा क्यों पापा आये है?

माँ मेरा मन बात ये समझ ना पाये है,ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है? पहले पापा मुन्ना मुन्ना कहते आते थे,टॉफियाँ खिलोने साथ में भी लाते थे।गोदी में उठा के खूब खिलखिलाते थे,हाथ फेर सर पे प्यार भी जताते थे।पर ना जाने आज क्यूँ वो चुप हो गए,लगता है की खूब गहरी नींद […]

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कुछ छोटे सपनो के बदले – कुमार विश्वास

कुछ छोटे सपनो के बदले,बड़ी नींद का सौदा करने,निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !वही प्यास के अनगढ़ मोती,वही धूप की सुर्ख कहानी,वही आंख में घुटकर मरती,आंसू की खुद्दार जवानी,हर मोहरे की मूक विवशता,चौसर के खाने क्या जानेहार जीत तय करती है वे, आज कौन से घर ठहरेंगेनिकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन […]

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अपने अपने हिस्से का आसमान

वो नीला आसमान ,कुछ तेरा , कुछ मेराबाँट लिया आपस मेंहमने अपने हिस्से का आसमानकई रंग के ख्वाब यहाँ …जीने के हजारों मक़ाम… तेरी जेब में दुनिया को खरीदने का सारा सामानमैंने भी जोड़े चंद सिक्के ,अपनाने कुछ ऐश ओ आराम .. पर वो शक़्स रहता जोखुले आसमान के तलेना जुटा पाया कुछ सामानना पहचाने […]

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जो बीत गई सो बात गई – हरिवंशराय बच्चन

जीवन में एक सितारा थामाना वह बेहद प्यारा थावह डूब गया तो डूब गयाअम्बर के आनन को देखोकितने इसके तारे टूटेकितने इसके प्यारे छूटेजो छूट गए फिर कहाँ मिलेपर बोलो टूटे तारों परकब अम्बर शोक मनाता हैजो बीत गई सो बात गई जीवन में वह था एक कुसुमथे उसपर नित्य निछावर तुमवह सूख गया तो […]

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