Pranam (Ravindranath Thakur) Mahadevi Verma

कवीन्द्र रवीन्द्र उन विरल साहित्यकारों में थे जिनके व्यक्तित्व और साहित्य में अद्भुत साम्य रहता है। यहाँ व्यक्ति को देखकर लगता है मानो काव्य की व्यापकता ही सिमट कर मूर्त्त हो गई और काव्य से परिचित होकर जान पड़ता है मानो व्यक्ति ही तरल होकर फैल गया है। मुख की सौम्यता को घेरे हुए वह […]

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Create history on World Skills-Sweta Ratnapura

World Skills में श्वेता रतनापुरा ने ग्राफ़िक डिज़ाइन में जीता मेडल, ऐसा करने वाली पहली भारीतय महिला हर ओर से देश की महिलाओं द्वारा कभी मेडल तो कभी अवॉर्ड जीतने की ख़बरें आ रही हैं. इन दिनों स्पोर्ट्स में अवॉर्ड्स की लड़ी लगी हुई है. इस श्रृंखला में अगली कड़ी हुनर यानी Skill के क्षेत्र […]

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सिंधुताई सपकाल: हज़ारों बेसहारा बच्चों की वो मां, जो भाषण के बदले बच्चों के लिये मांगती थी राशन

इस फ़्राइडे कर्मवीर एपिसोड के लिये समाजसेविका सिंधुताई सपकाल केबीसी के सेट पर पहुंची. शो में सिंधुताई अपनी बेटी ममता के साथ पहुंची थी. बिग बी ने सिंधुताई के पैर छू कर शो में उनका स्वागत किया. महानायक अमिताभ बच्चन ने उन्हें हज़ारों लोगों की सास-मां और दादी-नानी बताकर शो में उनका परिचय दिया. वहीं […]

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Girl with wings- Hindi story

जब से बाबू जी का स्वर्गवास हुआ था, बेटे निकुंज ने अम्मा को नीचे के कमरे में शिफ़्ट कर दिया था. वे अपने जीवन के 72 बसंत देख चुकी थीं. सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दिक़्क़त होने लगी थी. जब बाबूजी थे तो उनका ज़्यादातर समय बाल्कनी में बैठ पत्र-पत्रिकाएं पढ़ने और सामने पार्क की चहलपहल देखने […]

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हीरों से भरा खेत

हफीज अफ्रीका का एक किसान था। वह अपनी जिंदगी से खुश और संतुष्ट था। हफीज खुश इसलिए था कि वह संतुष्ट था। वह संतुष्ट इसलिए था क्योंकि वह खुश था। एक दिन एक अक्लमंद आदमी उसके पास आया। उसने हफीज से कहा, ‘अगर तुम्हारे पास अंगूठे जितना बड़ा हीरा हो, तो तुम पूरा शहर खरीद […]

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Jeet Aapki Kahaniya – या तो हमारे पास अच्छा होता है या बुरा

दोस्तों हम ही अपने लिए सब कुछ चुनते है, या तो हम अच्छे को चुनते है या फिर बुरे को चुनते है। लेखक के दो भतीजे है और उन्हें टेनिस खेलना बहुत ही पसंद है। Jeet Aapki Kahaniya – या तो हमारे पास अच्छा होता है या बुरा एक दिन उन बच्चों के पिता ने […]

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कहानी: सूझबूझ से सुलझा लें समस्या…

एक किसान था, वह अपने खेतों में काम कर घर लौट रहा था। रास्ते में ही एक हलवाई की दुकान थी। उस दिन किसान ने कुछ ज्‍यादा काम कर लिया था और उसे भूख भी बहुत लग रही थी। ऐसे में जब वह हलवाई की दुकान के पास से गुजरा तो उसे मिठाइयों की खुशबू […]

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लाग-डाट – Premchandra

जोखू भगत और बेचन चौधरी में तीन पीढ़ियों से अदावत चली आती थी। कुछ डाँड़-मेंड़ का झगड़ा था। उनके परदादों में कई बार खून-खच्चर हुआ। बापों के समय से मुकदमेबाजी शुरू हुई। दोनों कई बार हाईकोर्ट तक गये। लड़कों के समय में संग्राम की भीषणता और भी बढ़ी यहाँ तक कि दोनों ही अशक्त हो […]

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पूस की रात – Premchandra

हल्कू ने आकर स्त्री से कहा- सहना आया है, लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला तो छूटे । मुन्नी झाड़ू लगा रही थी। पीछे फिरकर बोली- तीन ही तो रुपये हैं, दे दोगे तो कम्मल कहाँ से आवेगा ? माघ-पूस की रात हार में कैसे कटेगी ? उससे कह दो, […]

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